खून की उल्टी (हेमैटेमेसिस) एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को उल्टी के साथ लाल या कॉफी के रंग जैसा पदार्थ दिखाई दे, तो इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह आमतौर पर पेट, भोजन नली (इसोफेगस) या ऊपरी पाचन तंत्र में आंतरिक रक्तस्राव का संकेत हो सकता है। समय पर जांच और सही उपचार बेहद आवश्यक है।
खून की उल्टी क्या होती है?
जब उल्टी में ताजा लाल खून या गहरे भूरे रंग का (कॉफी पाउडर जैसा) पदार्थ दिखाई दे, तो उसे खून की उल्टी कहा जाता है। यह हल्की समस्या भी हो सकती है, लेकिन कई मामलों में यह गंभीर बीमारी का संकेत होती है।
लक्षण (Symptoms)
खून की उल्टी के साथ निम्न लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:
- उल्टी में लाल या काले रंग का खून
- पेट में तेज दर्द
- चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना
- काले रंग का मल (ब्लैक स्टूल)
- अत्यधिक पसीना आना
- सांस लेने में तकलीफ (गंभीर स्थिति में)
यदि ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कारण (Causes)
खून की उल्टी के कई संभावित कारण हो सकते हैं:
1️⃣ पेप्टिक अल्सर
पेट या आंत में घाव होने पर रक्तस्राव हो सकता है।
2️⃣ गैस्ट्राइटिस
पेट की अंदरूनी परत में सूजन के कारण खून आ सकता है।
3️⃣ लीवर की बीमारी
लीवर सिरोसिस जैसी स्थिति में भोजन नली की नसें फट सकती हैं, जिससे खून की उल्टी हो सकती है।
4️⃣ अत्यधिक या बार-बार उल्टी
जोर से या लगातार उल्टी करने पर अंदरूनी परत फट सकती है।
5️⃣ संक्रमण या कैंसर
कुछ गंभीर संक्रमण या पेट का कैंसर भी इसका कारण हो सकता है।
निदान (Diagnosis)
सही कारण जानने के लिए डॉक्टर निम्न जांच कर सकते हैं:
- शारीरिक परीक्षण
- रक्त जांच (हीमोग्लोबिन स्तर देखने के लिए)
- एंडोस्कोपी (रक्तस्राव का स्रोत जानने के लिए)
- अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन
सटीक निदान के बाद ही सही उपचार शुरू किया जाता है।
उपचार (Treatment)
उपचार समस्या के कारण पर निर्भर करता है:
✔️ दवाएं – एसिड कम करने वाली दवाएं, एंटीबायोटिक या रक्तस्राव रोकने की दवाएं।
✔️ एंडोस्कोपिक उपचार – एंडोस्कोपी के माध्यम से रक्तस्राव को रोका जा सकता है।
✔️ अस्पताल में भर्ती – गंभीर स्थिति में IV फ्लूइड या रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है।
✔️ सर्जरी – बहुत गंभीर मामलों में ऑपरेशन की आवश्यकता हो सकती है।
समय पर सही इलाज के लिए किसी योग्य और अनुभवी डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है ।
खून की उल्टी एक गंभीर लक्षण हो सकता है, जो शरीर में आंतरिक रक्तस्राव का संकेत देता है। इसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच, सही निदान और उचित उपचार से जटिलताओं से बचा जा सकता है। यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उचित इलाज करवाएं।